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सुनन नसाई

नंबर 3266

नंबर 3266किताब 26, नंबर 71
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ، عَنِ ابْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ أَبِي مُلَيْكَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ ذَكْوَانَ أَبِي عَمْرٍو، عَنْ عَائِشَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ اسْتَأْمِرُوا النِّسَاءَ فِي أَبْضَاعِهِنَّ ‏"‏ ‏.‏ قِيلَ فَإِنَّ الْبِكْرَ تَسْتَحِي وَتَسْكُتُ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ هُوَ إِذْنُهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Aishah that the Prophet said:"Seek the permission of women with regard to marriage." It was said: "What if a virgin is too shy and remains silent?" He said: "That is her permission
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।