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सुनन नसाई

नंबर 3257

नंबर 3257किताब 26, नंबर 62
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْثَرٌ، عَنْ مُطَرِّفٍ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنْ أَبِي عُبَيْدَةَ، قَالَ قَالَتْ عَائِشَةُ تَزَوَّجَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لِتِسْعِ سِنِينَ وَصَحِبْتُهُ تِسْعًا ‏.‏
It was narrated that Abu 'Ubaidah said:"Aishah said: 'The Messenger of Allah married me when I was nine and I lived with him for nine years
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih LighairihiAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।