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सुनन नसाई

नंबर 3252

नंबर 3252किताब 26, नंबर 57
أَخْبَرَنِي أَحْمَدُ بْنُ يَحْيَى الصُّوفِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ، قَالَ حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ طَهْمَانَ أَبُو بَكْرٍ، سَمِعْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ، يَقُولُ كَانَتْ زَيْنَبُ بِنْتُ جَحْشٍ تَفْخَرُ عَلَى نِسَاءِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم تَقُولُ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ أَنْكَحَنِي مِنَ السَّمَاءِ ‏.‏ وَفِيهَا نَزَلَتْ آيَةُ الْحِجَابِ ‏.‏
Anas bin Malik said:Zainab bint Jahsh used to boast to the other wives of the Prophet and say: "Allah married me to him from above the Heavens." And the Verse of Hijab was revealed concerning her
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।