सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3210

नंबर 3210किताब 26, नंबर 15
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ عُمَارَةَ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ يَزِيدَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ قَالَ لَنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يَا مَعْشَرَ الشَّبَابِ مَنِ اسْتَطَاعَ مِنْكُمُ الْبَاءَةَ فَلْيَتَزَوَّجْ ‏"‏ ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ ‏.‏
Narrated 'Abdullah:It was narrated that 'Abdullah said: "The Messenger of Allah said to us: 'O young men, whoever among you can afford it, let him get married,'" and he quoted the same hadith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।