सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 3197

नंबर 3197किताब 26, नंबर 2
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ يَعْقُوبَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي مَرْيَمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ دِينَارٍ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ تُوُفِّيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَعِنْدَهُ تِسْعُ نِسْوَةٍ يُصِيبُهُنَّ إِلاَّ سَوْدَةَ فَإِنَّهَا وَهَبَتْ يَوْمَهَا وَلَيْلَتَهَا لِعَائِشَةَ ‏.‏
Narrated Ibn 'Abbas:It was narrated that Ibn 'Abbas said: "When the Messenger of Allah died he had nine wives; he used to be intimate with all of them except one, who had given her day and night to 'Aishah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 26 · The Book of Marriage

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।