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सुनन नसाई

नंबर 3193

नंबर 3193किताब 25, नंबर 109
أَخْبَرَنَا أَبُو مُحَمَّدٍ، مُوسَى بْنُ مُحَمَّدٍ - هُوَ الشَّامِيُّ - قَالَ حَدَّثَنَا مَيْمُونُ بْنُ الأَصْبَغِ، قَالَ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، قَالَ أَنْبَأَنَا شَرِيكٌ، عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ، عَنِ الْقَاسِمِ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ، رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ عَنْ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنَّهُ أَمَرَ بِقَتْلِ الْحَيَّاتِ وَقَالَ ‏ "‏ مَنْ خَافَ ثَأْرَهُنَّ فَلَيْسَ مِنَّا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah (may Allah be pleased with him) that the Messenger of Allah (ﷺ) commanded that snakes be killed and he said:"Whoever fears their vengeance is not one of us
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।