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सुनन नसाई

नंबर 3181

नंबर 3181किताब 25, नंबर 97
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ مَهْدِيٍّ، قَالَ حَدَّثَنَا حَرْبُ بْنُ شَدَّادٍ، عَنْ يَحْيَى، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، عَنْ بُسْرِ بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ خَالِدٍ الْجُهَنِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ مَنْ جَهَّزَ غَازِيًا فَقَدْ غَزَا وَمَنْ خَلَفَ غَازِيًا فِي أَهْلِهِ بِخَيْرٍ فَقَدْ غَزَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Zaid bin Khalid Al-Juhani said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'Whoever equips a warrior has fought, and whoever looks after his family in his absence has fought
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।