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सुनन नसाई

नंबर 3179

नंबर 3179किताब 25, नंबर 95
أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ عُثْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ عَبْدِ الْوَاحِدِ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ جَابِرٍ، قَالَ حَدَّثَنِي زَيْدُ بْنُ أَرْطَاةَ الْفَزَارِيُّ، عَنْ جُبَيْرِ بْنِ نُفَيْرٍ الْحَضْرَمِيِّ، أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا الدَّرْدَاءِ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ ابْغُونِي الضَّعِيفَ فَإِنَّكُمْ إِنَّمَا تُرْزَقُونَ وَتُنْصَرُونَ بِضُعَفَائِكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jubair bin Nufair Al-Hadrami that he heard Abu Ad-Darda' say:"I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: 'Bring me the weak, for you only receive provision and Divine support by virtue of your weak ones
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।