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सुनन नसाई

नंबर 3110

नंबर 3110किताब 25, नंबर 26
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ سُهَيْلٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ أَبِي يَزِيدَ، عَنِ الْقَعْقَاعِ بْنِ اللَّجْلاَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ لاَ يَجْتَمِعُ غُبَارٌ فِي سَبِيلِ اللَّهِ وَدُخَانُ جَهَنَّمَ فِي جَوْفِ عَبْدٍ أَبَدًا وَلاَ يَجْتَمِعُ الشُّحُّ وَالإِيمَانُ فِي قَلْبِ عَبْدٍ أَبَدًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:"The Messenger of Allah (ﷺ) said: 'The dust in the cause of Allah and the smoke of Hell will never be combined in the lungs of a slave, and the stinginess and faith can never be combined in a slave's heart
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 25 · The Book of Jihad

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।