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सुनन नसाई

नंबर 3072

नंबर 3072किताब 24, नंबर 455
أَخْبَرَنَا مُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى، عَنْ هُشَيْمٍ، عَنْ مُغِيرَةَ، عَنْ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ يَزِيدَ، قَالَ رَأَيْتُ ابْنَ مَسْعُودٍ رَمَى جَمْرَةَ الْعَقَبَةِ مِنْ بَطْنِ الْوَادِي ثُمَّ قَالَ هَا هُنَا وَالَّذِي لاَ إِلَهَ غَيْرُهُ مَقَامُ الَّذِي أُنْزِلَتْ عَلَيْهِ سُورَةُ الْبَقَرَةِ ‏.‏
Abdur-Rahman bin Yazid said:"I sqa Ibn Masud stone Jamratul 'Aqabah from the bottom of the valley, then he said: ;This - by the One beside Whom there is no other God-is the place where the one to whom Surat Al-Baqarah was revealed stood
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।