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सुनन नसाई

नंबर 3051

नंबर 3051किताब 24, नंबर 434
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سَلَمَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ الْقَاسِمِ، قَالَ حَدَّثَنِي مَالِكٌ، عَنْ هِشَامِ بْنِ عُرْوَةُ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ سُئِلَ أُسَامَةُ بْنُ زَيْدٍ وَأَنَا جَالِسٌ، مَعَهُ كَيْفَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسِيرُ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ حِينَ دَفَعَ قَالَ كَانَ يُسَيِّرُ نَاقَتَهُ فَإِذَا وَجَدَ فَجْوَةً نَصَّ ‏.‏
It was narrated form Hisham bin Urwah that his father said:"Usamah bin Zaid was asked - while I was sitting with him: 'How did the Messenger of Allah travel during the Farewell Pilgrimage when he moved on?' He said: 'He rode at a moderate pace, and if he found some open space, he would gallop
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।