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सुनन नसाई

नंबर 3019

नंबर 3019किताब 24, नंबर 402
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَلِيِّ بْنِ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحْرِزُ بْنُ الْوَضَّاحِ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ، - يَعْنِي ابْنَ أُمَيَّةَ - عَنْ أَبِي غَطَفَانَ بْنِ طَرِيفٍ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ لَمَّا دَفَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم شَنَقَ نَاقَتَهُ حَتَّى أَنَّ رَأْسَهَا لَيَمَسُّ وَاسِطَةَ رَحْلِهِ وَهُوَ يَقُولُ لِلنَّاسِ ‏ "‏ السَّكِينَةَ السَّكِينَةَ ‏"‏ ‏.‏ عَشِيَّةَ عَرَفَةَ ‏.‏
It was narrated from Abu Ghaftan bin Tarif that he heard Ibn Abbas say:"When the Messenger of Allah departed he reined in his she-camel until its head touched the middle of his saddle, and he was saying to the people: 'Be tranquil be tranquil,' on the evening of Arafat
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।