أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ آدَمَ، عَنِ ابْنِ الْمُبَارَكِ، عَنْ سَلَمَةَ بْنِ نُبَيْطٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ يَوْمَ عَرَفَةَ عَلَى جَمَلٍ أَحْمَرَ .
It was narrated from Salamah bin Nubait that his father said:"I saw the Messenger of Allah delivering a Khutbah on the day of Arafat atop a red camel." (Hasan) Chpater 200. Delivering A Short Khutbah In 'Arafat
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAbu Ghuddah
SahihAl-Albani
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।