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सुनन नसाई

नंबर 2950

नंबर 2950किताब 24, नंबर 333
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْعَلاَءِ، قَالَ أَنْبَأَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ عُبَيْدِ اللَّهِ، وَابْنِ، جُرَيْجٍ وَمَالِكٍ عَنِ الْمَقْبُرِيِّ، عَنْ عُبَيْدِ بْنِ جُرَيْجٍ، قَالَ قُلْتُ لاِبْنِ عُمَرَ رَأَيْتُكَ لاَ تَسْتَلِمُ مِنَ الأَرْكَانِ إِلاَّ هَذَيْنِ الرُّكْنَيْنِ الْيَمَانِيَيْنِ ‏.‏ قَالَ لَمْ أَرَ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَسْتَلِمُ إِلاَّ هَذَيْنِ الرُّكْنَيْنِ مُخْتَصَرٌ ‏.‏
It was narrated that Ubaid bin Juraij said:"I said to Ibn Umar: 'I see that you only touch these two Yemeni corners.' He said: 'I only saw the Messenger of Allah touch these two corners.'" This is an abridgement of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।