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सुनन नसाई

नंबर 2891

नंबर 2891किताब 24, नंबर 274
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدَةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا حَمَّادٌ، قَالَ حَدَّثَنَا هِشَامٌ، - وَهُوَ ابْنُ عُرْوَةَ - عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَمْسُ فَوَاسِقَ يُقْتَلْنَ فِي الْحَرَمِ الْعَقْرَبُ وَالْفَأْرَةُ وَالْغُرَابُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ وَالْحِدَأَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Aishah said:"The Messenger of Allah said: 'There are five kinds of vermin that may be killed in the Haram: Scorpions, mice, crows, vicious dogs, and kites." (Sahih) Chaper 120. The Prohibition Of Disturbing The Game Of The Haram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।