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सुनन नसाई

नंबर 2885

नंबर 2885किताब 24, नंबर 268
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، قَالَ حَدَّثَنِي عَبْدُ الْحَمِيدِ بْنُ جُبَيْرِ بْنِ شَيْبَةَ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ الْمُسَيَّبِ، عَنْ أُمِّ شَرِيكٍ، قَالَتْ أَمَرَنِي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِقَتْلِ الأَوْزَاغِ ‏.‏
It was narrated from Saeed bin Al-Musayyab that Umm Sharik said:"The Messenger of Allah told me to kill geckos
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।