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सुनन नसाई

नंबर 2856

नंबर 2856किताब 24, नंबर 239
أَخْبَرَنِي مُحَمَّدُ بْنُ قُدَامَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ وَقَصَتْ رَجُلاً مُحْرِمًا نَاقَتُهُ فَقَتَلَتْهُ فَأُتِيَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏ "‏ اغْسِلُوهُ وَكَفِّنُوهُ وَلاَ تُغَطُّوا رَأْسَهُ وَلاَ تُقَرِّبُوهُ طِيبًا فَإِنَّهُ يُبْعَثُ يُهِلُّ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn Abbas said:"The she-Camel of a ma in Ihram broke his neck and killed him. He was brought to the Messenger of Allah and he said 'Wash him and shroud him, and do not cover his head, or bring any perfume near him, for he will be raisd reciting Talbiyah.'" (Sahih) Dies
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।