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सुनन नसाई

नंबर 2841

नंबर 2841किताब 24, नंबर 224
أَخْبَرَنِي شُعَيْبُ بْنُ شُعَيْبِ بْنِ إِسْحَاقَ، وَصَفْوَانُ بْنُ عَمْرٍو الْحِمْصِيُّ، قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو الْمُغِيرَةِ، قَالَ حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ أَبِي رَبَاحٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم تَزَوَّجَ مَيْمُونَةَ وَهُوَ مُحْرِمٌ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas:That the Prophet married Maimunah when he was in Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।