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सुनन नसाई

नंबर 2839

नंबर 2839किताब 24, नंबर 222
أَخْبَرَنِي إِبْرَاهِيمُ بْنُ يُونُسَ بْنِ مُحَمَّدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ، عَنْ حُمَيْدٍ، عَنْ مُجَاهِدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم تَزَوَّجَ مَيْمُونَةَ وَهُمَا مُحْرِمَانِ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas:That the Messenger of Allah married Maimunah when they were both in Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • ShadhAbu Ghuddah
  • ShadhAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।