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सुनन नसाई

नंबर 2835

नंबर 2835किताब 24, नंबर 218
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يَزِيدَ الْمُقْرِئُ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَالِمٍ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ خَمْسٌ مِنَ الدَّوَابِّ لاَ جُنَاحَ فِي قَتْلِهِنَّ عَلَى مَنْ قَتَلَهُنَّ فِي الْحَرَمِ وَالإِحْرَامِ الْفَأْرَةُ وَالْحِدَأَةُ وَالْغُرَابُ وَالْعَقْرَبُ وَالْكَلْبُ الْعَقُورُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salim that his father said:"The Prophet said: 'There are five kinds of animals for which there is no sin on the one who kills them, whether he is in Ihram or not: Mice, kites, crows, scorpions and vicious dogs.'" (Sahih) Chpater 89. What The Muhrim May Not Kill
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।