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सुनन नसाई

नंबर 2814

नंबर 2814किताब 24, नंबर 196
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُسْلِمٍ، - وَهُوَ الْقُرِّيُّ - قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَقُولُ أَهَلَّ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِالْعُمْرَةِ وَأَهَلَّ أَصْحَابُهُ بِالْحَجِّ وَأَمَرَ مَنْ لَمْ يَكُنْ مَعَهُ الْهَدْىُ أَنْ يَحِلَّ وَكَانَ فِيمَنْ لَمْ يَكُنْ مَعَهُ الْهَدْىُ طَلْحَةُ بْنُ عُبَيْدِ اللَّهِ وَرَجُلٌ آخَرُ فَأَحَلاَّ ‏.‏
Ibn Abbas said:"The Messenger of Allah enter Ihram for 'Umrah and his companions enter Ihrahm for Hajj. He told those who did not have a Hadi with them to exit Ihram. Among those who did not have a Hadi with them was Tallah bin 'Ubaidullah and another man, so they exited Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।