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सुनन नसाई

नंबर 2801

नंबर 2801किताब 24, नंबर 183
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم رَأَى رَجُلاً يَسُوقُ بَدَنَةً وَقَدْ جَهَدَهُ الْمَشْىُ قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ إِنَّهَا بَدَنَةٌ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا وَإِنْ كَانَتْ بَدَنَةً ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet saw a man driving a Badanah and he was exhausted from walking. He said:"Ride it." He said: "It "It is Badanah." He said: "Ride it even if it is a Badanah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।