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सुनन नसाई

नंबर 2799

नंबर 2799किताब 24, नंबर 181
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم رَأَى رَجُلاً يَسُوقُ بَدَنَةً قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا ‏"‏ ‏.‏ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّهَا بَدَنَةٌ قَالَ ‏"‏ ارْكَبْهَا وَيْلَكَ ‏"‏ ‏.‏ فِي الثَّانِيَةِ أَوْ فِي الثَّالِثَةِ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that:the Messenger of Allah saw a man driving a Badanah (Sacrificial camel) and said: "Ride it." He said: "O Messenger of Allah, it is a Badanah." He said: "Ride it, woe to you!" the second or third time
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।