सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2726

नंबर 2726किताब 24, नंबर 108
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى الصَّنْعَانِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنِي حُمَيْدُ بْنُ هِلاَلٍ، قَالَ سَمِعْتُ مُطَرِّفًا، يَقُولُ قَالَ لِي عِمْرَانُ بْنُ حُصَيْنٍ جَمَعَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَيْنَ حَجٍّ وَعُمْرَةٍ ثُمَّ تُوُفِّيَ قَبْلَ أَنْ يَنْهَى عَنْهَا وَقَبْلَ أَنْ يَنْزِلَ الْقُرْآنُ بِتَحْرِيمِهِ ‏.‏
Imran bin Husain said:"The Messenger of Allah combined Hajj and "Umrah, then he passed away before he could forbid that, and before Qur'an was revealed forbidding it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।