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सुनन नसाई

नंबर 2714

नंबर 2714किताब 24, नंबर 96
أَخْبَرَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ الصَّفَّارُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، - يَعْنِي الْحَفَرِيَّ - عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ مَاتَ رَجُلٌ فَقَالَ النَّبِيُّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ اغْسِلُوهُ بِمَاءٍ وَسِدْرٍ وَكَفِّنُوهُ فِي ثِيَابِهِ وَلاَ تُخَمِّرُوا وَجْهَهُ وَرَأْسَهُ فَإِنَّهُ يُبْعَثُ يَوْمَ الْقِيَامَةِ مُلَبِّيًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas Said:" A man died, and the Messenger of Allah said: wash him with water and lotus leaves, and shroud him in his cloths, but do not cover his head and face, for he will be raised on the Day of Resurrection reciting the Talbiyah
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।