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सुनन नसाई

नंबर 2694

नंबर 2694किताब 24, नंबर 76
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، قَالَ أَنْبَأَنَا سُفْيَانُ، عَنْ مَنْصُورٍ، قَالَ قَالَ لِي إِبْرَاهِيمُ حَدَّثَنِي الأَسْوَدُ، عَنْ عَائِشَةَ، رضى الله عنها قَالَتْ لَقَدْ كَانَ يُرَى وَبِيصُ الطِّيبِ فِي مَفَارِقِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَهُوَ مُحْرِمٌ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The glistening of the perfume could be seen in the parting (of the hair) of the Messenger of Allah while he was in Ihram
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।