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सुनन नसाई

नंबर 2691

नंबर 2691किताब 24, नंबर 73
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ حَرْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ الْقَاسِمِ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ كُنْتُ أُطَيِّبُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِأَطْيَبِ مَا أَجِدُ لِحُرْمِهِ وَلِحِلِّهِ وَحِينَ يُرِيدُ أَنْ يَزُورَ الْبَيْتَ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I used to put perfume on the Messenger of Allah using the best I could find, when he entered Ihram and when he exited Ihram, and when he wanted to visit the House
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।