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सुनन नसाई

नंबर 2678

नंबर 2678किताब 24, नंबर 60
أَخْبَرَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، عَنِ ابْنِ أَبِي زَائِدَةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ عُمَرَ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقُولُ ‏ "‏ لاَ تَلْبَسُوا فِي الإِحْرَامِ الْقَمِيصَ وَلاَ السَّرَاوِيلاَتِ وَلاَ الْعَمَائِمَ وَلاَ الْبَرَانِسَ وَلاَ الْخِفَافَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"I heard the Prophet say; 'do not wear shirts, or pants, or 'Imamahs, or burnouses, or Khuffs while in Ihram.'''(sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।