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सुनन नसाई

नंबर 2671

नंबर 2671किताब 24, नंबर 53
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ عَمْرٍو، عَنْ جَابِرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ سَمِعْتُ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ وَهُوَ يَقُولُ ‏ "‏ السَّرَاوِيلُ لِمَنْ لاَ يَجِدُ الإِزَارَ وَالْخُفَّيْنِ لِمَنْ لاَ يَجِدُ النَّعْلَيْنِ ‏"‏ ‏.‏ لِلْمُحْرِمِ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said; "I heard the Prophet delivering a khutbah and he said:'Pants (are allowed) for one who cannot find an Izar, and Khuffs for one who cannot find sandals to wear in Ihram.;;
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।