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सुनन नसाई

नंबर 2637

नंबर 2637किताब 24, नंबर 19
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ أَنْبَأَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنِ النُّعْمَانِ بْنِ سَالِمٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ أَوْسٍ، عَنْ أَبِي رَزِينٍ الْعُقَيْلِيِّ، أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبِي شَيْخٌ كَبِيرٌ لاَ يَسْتَطِيعُ الْحَجَّ وَلاَ الْعُمْرَةَ وَالظَّعْنَ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ حُجَّ عَنْ أَبِيكَ وَاعْتَمِرْ ‏"‏ ‏.‏
It was nattated from Abu RAzin Al-'Uqayli that he said:"O Messenger of Allah! My father is an old man who cannot perform Hajj or 'Umrah, nor can he travel." He said "Perform Hajj and 'Umrah on behalf of your father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।