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सुनन नसाई

नंबर 2634

नंबर 2634किताब 24, नंबर 16
أَخْبَرَنِي عُثْمَانُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ حَكِيمٍ الأَوْدِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الرُّؤَاسِيُّ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ أَيُّوبَ السَّخْتِيَانِيِّ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ يَسَارٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ امْرَأَةً، سَأَلَتِ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنْ أَبِيهَا مَاتَ وَلَمْ يَحُجَّ قَالَ ‏ "‏ حُجِّي عَنْ أَبِيكِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Abbas that:a woman asked the Prophet about her therwho had died and he did not perform Hajj. He said: "Perform Hajj on behalf of your father
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।