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सुनन नसाई

नंबर 2621

नंबर 2621किताब 24, नंबर 3
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا خَالِدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ النُّعْمَانَ بْنَ سَالِمٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَمْرَو بْنَ أَوْسٍ، يُحَدِّثُ عَنْ أَبِي رَزِينٍ، أَنَّهُ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنَّ أَبِي شَيْخٌ كَبِيرٌ لاَ يَسْتَطِيعُ الْحَجَّ وَلاَ الْعُمْرَةَ وَلاَ الظَّعْنَ ‏.‏ قَالَ ‏ "‏ فَحُجَّ عَنْ أَبِيكَ وَاعْتَمِرْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Razin that he said:"O Messenger of Allah, my fater is an old man and he cannot perform Hajj or 'Umrah, nor can he travel." He said: "Perform Hajj and 'Umrah on behalf of your father."(sahih)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 24 · The Book of Hajj

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।