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सुनन नसाई

नंबर 2610

नंबर 2610किताब 23, नंबर 176
أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، قَالَ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ قُلْتُ لأَبِي إِيَاسٍ مُعَاوِيَةَ بْنِ قُرَّةَ أَسَمِعْتَ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ ابْنُ أُخْتِ الْقَوْمِ مِنْ أَنْفُسِهِمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ نَعَمْ ‏.‏
Shu'bah said:"I said to Abu Iyas Mu'awiyah bin Qurrah: 'Did you hear Ans bin Malik say: The Messenger of Allah said: The son of the daughter of a people is one of them? He said: 'Yes
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।