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सुनन नसाई

नंबर 2565

नंबर 2565किताब 23, नंबर 131
أَخْبَرَنِي هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنٌ، قَالَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، ح وَأَنْبَأَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنِ ابْنِ بُجَيْدٍ الأَنْصَارِيِّ، عَنْ جَدَّتِهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ رُدُّوا السَّائِلَ وَلَوْ بِظِلْفٍ ‏"‏ ‏.‏ فِي حَدِيثِ هَارُونَ مُحْرَقٍ ‏.‏
It was narrated from Abu Bujaid Al-Ansari from his grandmother that the Messenger of Allah said:"Respond to the one who asks even with a sheep's foot." According to the narration of Harun: "With a sheep's burned foot
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।