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सुनन नसाई

नंबर 2533

नंबर 2533किताब 23, नंबर 99
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، عَنْ مَالِكٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ وَهُوَ يَذْكُرُ الصَّدَقَةَ وَالتَّعَفُّفَ عَنِ الْمَسْأَلَةِ ‏ "‏ الْيَدُ الْعُلْيَا خَيْرٌ مِنَ الْيَدِ السُّفْلَى وَالْيَدُ الْعُلْيَا الْمُنْفِقَةُ وَالْيَدُ السُّفْلَى السَّائِلَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from 'Abdullah bin 'Umar that:the Messenger of Allah said, when mentioning charity and those who refrain from asking. "The upper hand is better than the lower hand; the upper hand is that which gives and the lower hand is that which asks
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।