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सुनन नसाई

नंबर 2521

नंबर 2521किताब 23, नंबर 87
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَعْدَانَ بْنِ عِيسَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْحَسَنُ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا مُوسَى، ح قَالَ وَأَنْبَأَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ بَزِيعٍ، قَالَ حَدَّثَنَا الْفُضَيْلُ، قَالَ حَدَّثَنَا مُوسَى، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَمَرَ بِصَدَقَةِ الْفِطْرِ أَنْ تُؤَدَّى قَبْلَ خُرُوجِ النَّاسِ إِلَى الصَّلاَةِ ‏.‏ قَالَ ابْنُ بَزِيعٍ بِزَكَاةِ الْفِطْرِ ‏.‏
It was narrated from Ibn 'Umar that:the Messenger of Allah enjoined that Sadaqatul Fitr should be given before the people go out to pray. (One of the narratorsP: Ibn Bazi'said: "Zakatul-Fitr)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।