सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2519

नंबर 2519किताब 23, नंबर 85
أَخْبَرَنَا عَمْرُو بْنُ زُرَارَةَ، قَالَ أَنْبَأَنَا الْقَاسِمُ، - وَهُوَ ابْنُ مَالِكٍ - عَنِ الْجُعَيْدِ، سَمِعْتُ السَّائِبَ بْنَ يَزِيدَ، قَالَ كَانَ الصَّاعُ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم مُدًّا وَثُلُثًا بِمُدِّكُمُ الْيَوْمَ وَقَدْ زِيدَ فِيهِ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَحَدَّثَنِيهِ زِيَادُ بْنُ أَيُّوبَ ‏.‏
It was narrated from Al-Ju'aid:"I heard As-Sa'ib bin Yazid say: 'During the time of Allah's messenger, the Sa' was equal to a Mudd and third of the Mudd you use today, and the Sa' of today has become large."' (Sahih) Abu 'Abdur-Rahman (An-Nasa'i) said: And Ziyad bin Ayyub narrated it to me
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।