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सुनन नसाई

नंबर 2516

नंबर 2516किताब 23, नंबर 82
أَخْبَرَنَا مُوسَى بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ، عَنْ زَائِدَةَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ أَبِي رَوَّادٍ، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ كَانَ النَّاسُ يُخْرِجُونَ عَنْ صَدَقَةِ الْفِطْرِ، فِي عَهْدِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ أَوْ تَمْرٍ أَوْ سُلْتٍ أَوْ زَبِيبٍ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Umar said:"At the time of the Messenger of Allah, the people used to give as Sadaqatul Fitr a Sa' of barely or dates or rye or raising
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।