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सुनन नसाई

नंबर 2514

नंबर 2514किताब 23, नंबर 80
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مَنْصُورٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنِ ابْنِ عَجْلاَنَ، قَالَ سَمِعْتُ عِيَاضَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يُخْبِرُ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ لَمْ نُخْرِجْ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِلاَّ صَاعًا مِنْ تَمْرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ زَبِيبٍ أَوْ صَاعًا مِنْ دَقِيقٍ أَوْ صَاعًا مِنْ أَقِطٍ أَوْ صَاعًا مِنْ سُلْتٍ - ثُمَّ شَكَّ سُفْيَانُ - فَقَالَ دَقِيقٍ أَوْ سُلْتٍ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:" At the time of the Messenger of Allah we did not give anything except a Sa' of dates, or a Sa' of barley, or a Sa' of raisins, or a Sa' of flour, or a Sa' of cottage cheese, or a Sa' of rye." Then (one of the narrators) Sufyan was uncertain and said: "Flour or rye
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।