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सुनन नसाई

नंबर 2512

नंबर 2512किताब 23, नंबर 78
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْمُبَارَكِ، قَالَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ زَيْدِ بْنِ أَسْلَمَ، عَنْ عِيَاضِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي سَرْحٍ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ كُنَّا نُخْرِجُ زَكَاةَ الْفِطْرِ إِذْ كَانَ فِينَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَاعًا مِنْ طَعَامٍ أَوْ صَاعًا مِنْ شَعِيرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ تَمْرٍ أَوْ صَاعًا مِنْ زَبِيبٍ أَوْ صَاعًا مِنْ أَقِطٍ ‏.‏
It was narrated that Ibn 'Abbas said:"We used to pay Zakaul Fitr when the Messenger of Allah was among us; a Sa' of food, or a Sa' of barley, or a Sa' of dates, or a Sa' of raisins, or a Sa of cottage cheese
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।