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सुनन नसाई

नंबर 2510

नंबर 2510किताब 23, नंबर 76
أَخْبَرَنَا قُتَيْبَةُ، قَالَ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ أَبِي رَجَاءٍ، قَالَ سَمِعْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ، يَخْطُبُ عَلَى مِنْبَرِكُمْ - يَعْنِي مِنْبَرَ الْبَصْرَةِ - يَقُولُ صَدَقَةُ الْفِطْرِ صَاعٌ مِنْ طَعَامٍ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ هَذَا أَثْبَتُ الثَّلاَثَةِ ‏.‏
It was narrated that Abu Raja' said:I heard Ibn 'Abbas deliver a Khutbah from your Minbar - meaning the Minbar in Al-Basrah - saying: 'Sadaqatul Fitr is a Sa' of food." (Sahih) Abu 'Abdur-Rahman (An-Nasa'i) said: This is the most reliable of the three
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Sahih IsnaadAbu Ghuddah
  • Sahih IsnaadAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।