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सुनन नसाई

नंबर 2480

नंबर 2480किताब 23, नंबर 46
أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالَ حَدَّثَنَا الْمُعْتَمِرُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ سَمِعْتُ حُسَيْنًا، قَالَ حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ شُعَيْبٍ، قَالَ جَاءَتِ امْرَأَةٌ وَمَعَهَا بِنْتٌ لَهَا إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم وَفِي يَدِ ابْنَتِهَا مَسَكَتَانِ نَحْوَهُ مُرْسَلٌ ‏.‏ قَالَ أَبُو عَبْدِ الرَّحْمَنِ خَالِدٌ أَثْبَتُ مِنَ الْمُعْتَمِرِ ‏.‏
Amr bin Shu 'aib said:"A woman came to the Messenger of Allah with a daughter of hers, and on her daughter's arm were two bangles" - a similar report, in Mursal form
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan LighairihiAbu Ghuddah
  • HasanAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।