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सुनन नसाई

नंबर 2463

नंबर 2463किताब 23, नंबर 29
أَخْبَرَنَا هَارُونُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ حَدَّثَنَا رَوْحٌ، قَالَ حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا بْنُ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ أَبِي سُفْيَانَ، قَالَ حَدَّثَنِي مُسْلِمُ بْنُ ثَفِنَةَ، أَنَّ ابْنَ عَلْقَمَةَ، اسْتَعْمَلَ أَبَاهُ عَلَى صَدَقَةِ قَوْمِهِ وَسَاقَ الْحَدِيثَ ‏.‏
Muslim bin Thafinah narrated that:Ibn 'Alqamah appointed his father to collect the Zakah of his people - and he quoted the same Hadith
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAbu Ghuddah
  • DaifAl-Albani
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।