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सुनन नसाई

नंबर 2446

नंबर 2446किताब 23, नंबर 12
أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ حَمَّادٍ، قَالَ أَنْبَأَنَا اللَّيْثُ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ يَحْيَى بْنِ عُمَارَةَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ لَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ ذَوْدٍ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوَاقٍ صَدَقَةٌ وَلَيْسَ فِيمَا دُونَ خَمْسَةِ أَوْسُقٍ صَدَقَةٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Saeed Al-Khudri that the Messenger of Allah said:"No Sadaqah is due on less than five Dhawd (head of camel), and no Sadaqah is due on less than five Awaq, and no Sadaqah is due on less than five Awsuq
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 23 · The Book of Zakah

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।