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सुनन नसाई

नंबर 2372

नंबर 2372किताब 22, नंबर 283
أَخْبَرَنِي زَكَرِيَّا بْنُ يَحْيَى، قَالَ حَدَّثَنَا شَيْبَانُ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو عَوَانَةَ، عَنِ الْحُرِّ بْنِ صَيَّاحٍ، عَنْ هُنَيْدَةَ بْنِ خَالِدٍ، عَنِ امْرَأَتِهِ، قَالَتْ حَدَّثَتْنِي بَعْضُ، نِسَاءِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَصُومُ يَوْمَ عَاشُورَاءَ وَتِسْعًا مِنْ ذِي الْحِجَّةِ وَثَلاَثَةَ أَيَّامٍ مِنَ الشَّهْرِ أَوَّلَ اثْنَيْنِ مِنَ الشَّهْرِ وَخَمِيسَيْنِ ‏.‏
It was narrated from Hunaidah bin Khalid that his wife said:"One of the wives of the Prophet said: "The Prophet used to fast on the day of 'Ashura, nine days of Dhul-Hijjah and three days each month: The first Monday of the month, and two Thursday
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।