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सुनन नसाई

नंबर 2359

नंबर 2359किताब 22, नंबर 270
أَخْبَرَنَا أَحْمَدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، قَالَ أَخْبَرَنِي ثَابِتُ بْنُ قَيْسٍ الْغِفَارِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيُّ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو هُرَيْرَةَ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ يَسْرُدُ الصَّوْمَ فَيُقَالُ لاَ يُفْطِرُ وَيُفْطِرُ فَيُقَالُ لاَ يَصُومُ ‏.‏
It was narrated from Usamah bin Zaid:That the Messenger of Allah used to fast continually and it ws said that he would not break his fast, and he used not to fast and it was said that he would not fast
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।