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सुनन नसाई

नंबर 2354

नंबर 2354किताब 22, नंबर 265
أَخْبَرَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ سَعْدِ بْنِ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ حَدَّثَنَا عَمِّي، قَالَ حَدَّثَنَا أَبِي، عَنِ ابْنِ إِسْحَاقَ، قَالَ حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لَمْ يَكُنْ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لِشَهْرٍ أَكْثَرَ صِيَامًا مِنْهُ لِشَعْبَانَ كَانَ يَصُومُهُ أَوْ عَامَّتَهُ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"The Messenger of Allah did not fast any month more than Shaban; he used to fast (all of) it, or most of it
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAbu Ghuddah
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।