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सुनन नसाई

नंबर 2352

नंबर 2352किताब 22, नंबर 263
أَخْبَرَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، قَالَ حَدَّثَنَا أَبُو دَاوُدَ، قَالَ أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مَنْصُورٍ، قَالَ سَمِعْتُ سَالِمَ بْنَ أَبِي الْجَعْدِ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم كَانَ لاَ يَصُومُ شَهْرَيْنِ مُتَتَابِعَيْنِ إِلاَّ شَعْبَانَ وَرَمَضَانَ ‏.‏
It was narrated from Umm Salamah:That the Messenger of Allah would not fast any two consecutive months except Shaban and Ramadan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।