सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2350

नंबर 2350किताब 22, नंबर 261
أَخْبَرَنَا الرَّبِيعُ بْنُ سُلَيْمَانَ، قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ صَالِحٍ، أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ أَبِي قَيْسٍ، حَدَّثَهُ أَنَّهُ، سَمِعَ عَائِشَةَ، تَقُولُ كَانَ أَحَبَّ الشُّهُورِ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَنْ يَصُومَهُ شَعْبَانُ بَلْ كَانَ يَصِلُهُ بِرَمَضَانَ ‏.‏
Aishah said:"The month which the Messenger of Allah most liked to fast was Shaban; indeed he used to join it to Ramadan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।