सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन नसाई

नंबर 2348

नंबर 2348किताब 22, नंबर 259
أَخْبَرَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ مَسْعُودٍ، عَنْ خَالِدٍ، قَالَ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ، قَالَ حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ زُرَارَةَ بْنِ أَوْفَى، عَنْ سَعْدِ بْنِ هِشَامٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ لاَ أَعْلَمُ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَرَأَ الْقُرْآنَ كُلَّهُ فِي لَيْلَةٍ وَلاَ قَامَ لَيْلَةً حَتَّى الصَّبَاحِ وَلاَ صَامَ شَهْرًا قَطُّ كَامِلاً غَيْرَ رَمَضَانَ ‏.‏
It was narrated that 'Aishah said:"I do not know that the Messenger of Allah recited the whole Quran in one night, or prayed Qiyam until morning, or ever fasted an entire month, except Ramadan
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 22 · The Book of Fasting

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।